परीक्षा (Exam) – UPTET (UttarPradesh Teacher Eligibility Test) Paper I (Classes I to V)
भाग (Part) – Part – 1 – बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (Child Development and Pedagogy)
परीक्षा आयोजक (Organized) – UPBEB
कुल प्रश्न (Number of Question) – 30
परीक्षा तिथि (Exam Date) – 2012
Q1. एक समावेशी कक्षा में किसी शिक्षिका की सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका है:
(1) बच्चे के माता-पिता के व्यवसाय को जानना ताकि शिक्षिका प्रत्येक बच्चे के भावी व्यवसाय को जान सके।
(2) यह सुनिश्चित करना कि शिक्षिका कक्षा को मानक निर्देश दे रही है।
(3) सुनिश्चित करना कि प्रत्येक बच्चे को अपनी संभावना को प्राप्त करने का अवसर मिले।
(4) कक्षा के लिए ऐसी योजना बनाना कि प्रत्येक बच्चा समान गति से आगे बढ़े।
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Q2. अपनी कक्षा के बच्चों को उनकी अपनी अवधारणाओं को बदलने में आप किस प्रकार सहायता करेंगे?
(1) यदि बच्चों की अवधारणाएँ गलत हों तो उन्हें दंड देकर।
(2) बच्चों को सूचनाएँ लिखाकर उन्हें याद करने को कहकर।
(3) तथ्यात्मक जानकारी देकर
(4) अवधारणाओं के बारे में बच्चों को अपनी समझ को व्यक्त करने का अवसर देकर।
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Q3. जब बच्चे एक विशेष संख्या में पुस्तकें पढ़ते है तो उन्हें एक प्रमाणपत्र दिया जाता है। यह रणनीति शायद अधिक समय तक काम न करे, क्योंकिः
(1) पुस्तकालय में बहुत अधिक पुस्तकों को खरीदने की आवश्यकता होगी।
(2) यह संभवत: बच्चों को केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए पुस्तकों को पढ़ने की तरफ ले जा सकता है।
(3) जब अधिक संख्या में बच्चे पढ़ना शुरू कर देंगे तो बड़ी मात्रा में प्रमाणपत्र देने होंगे।
(4) पुस्तकों को पढ़ना बच्चों को उनके गृहकार्य को पूरा करने में बाधा डालेगा।
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Q4. किसी कक्षा में शिक्षक की भूमिका है:
(1) सीखने की विश्वसनीय स्थितियाँ जुटाना और शिक्षार्थियों को स्वतंत्र चिंतन की सुविधा देना।
(2) समय-सारणी का कठोरता से पालन करना और पाठयक्रम से बँधे रहना।
(3) अपने ज्ञान से शिक्षार्थियों को परिपूर्ण करना और उन्हें परीक्षा के लिए तैयार करना।
(4) सीधे तरीके से ज्ञान पहुँचाना और शिक्षार्थियों को सही उत्तरों के लिए तैयार करना।
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Q5. निम्नलिखित में से कौन सा कथन बच्चों की त्रुटियों के सम्बन्ध में सबसे उपयुक्त है?
(1) बच्चों की गलतियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उन्हें कठोर दंड दिया जाना चाहिए ताकि वे गलतियाँ न दुहराएँ।
(2) गलतियों से बचने के लिए बच्चों को शिक्षक का अन्करण करना चाहिए।
(3) बच्चे गलतियाँ करते हैं क्योंकि उनमें विचार करने की क्षमता नहीं होती।
(4) बच्चों की गलतियाँ एक खिड़की के समान होती है. यह जानने के लिए कि वे किस प्रकार सोचते हैं।
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Q6. आकलन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का अभिन्न अंग है क्योंकिः
(1) आकलन ही एकमात्र तरीका है जो आश्वस्त करता है कि शिक्षकों ने पढ़ाया और बच्चों ने सीखा।
(2) आकलन से अध्यापक बच्चों के अधिगम को समझता है और उसके अपने शिक्षण की परिपुष्टि भी होती है।
(3) आज के समय में केवल अंक ही शिक्षा में महत्त्वपूर्ण
(4) बच्चों को अंक दिए जाने चाहिए ताकि वे समझ सकें कि अपने सहपाठियों की तुलना में कहाँ पर हैं।
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Q7. “पाठ्यचर्या ऐसी हो जो पाठ्य-पुस्तक के ज्ञान को पुनः प्रस्तुत करने के स्थान पर बच्चों को अपनी आवाजें पाने, कार्य करने के लिए अपनी जिज्ञासा का पोषण करने, प्रश्न पूछने और जाँच-पड़ताल करने तथा अपने अनुभवों को बाँटने तथा विद्यालय के ज्ञान के साथ जोड़ने में सक्षम बनाए।” – राष्ट्रीय पाठयचर्या की रूपरेखा 2005, पृ.13 इस पृष्ठभूमि में, एक शिक्षक की प्राथमिक भूमिका क्या होनी चाहिए?
(1) बच्चों के अनुभवों को निरस्त कर पाठ्य-पुस्तकों पर ध्यान केंद्रित करना।
(2) बच्चों को उनकी अपनी समझ और अपने ज्ञान को साझा करने के पर्याप्त अवसर देना।
(3) पाठ्यपुस्तक के अध्ययों को क्रमवार पूरा कराना।
(4) यह सुनिश्चित करना कि शिक्षिका अच्छे प्रश्न पछे और शिक्षार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका में उत्तर लिखें।
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Q8. बच्चों को अपने अध्ययन में प्रयास करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षकों को………….की आवश्यकता होती है।
(1) अन्य बच्चों के साथ तुलना करने
(2) बच्चे को नियंत्रण में रखने
(3) बच्चे को प्रेरित करने
(4) बच्चे को डाँटने
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- भावनाओं, अधिगम और अभिप्रेरणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से किस कथन से आप सहमत है?
(1) प्रेरणा और सीखने के साथ भावनाएँ घनिष्ठ रूप से __ जुड़ी हैं।
(2) सीखने के लिए भावनाओं को अलग रख देना चाहिए।
(3) सीखने के लिए अभिप्रेरित करने भावनाओं की कोई भूमिका नहीं होती।
(4) कुछ नया सीखना इस पर निर्भर करता है कि उसमें हम कितने निपुण हैं।
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Q10. बहुविकल्पी प्रश्न बच्चों की……………की योग्यता का आकलन करते हैं।
(1) सही उत्तर की व्याख्या करने
(2) सही उत्तर का निर्माण करने
(3) सही उत्तर की पहचान करने
(4) सही उत्तर का प्रत्यास्मरण करने
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Q11. समाजीकरण की प्रक्रिया में शामिल नहीं है:
(1) आनुवंशिक संचरण।
(2) मूल्यों और विश्वासों का अर्जन।
(3) एक संस्कृति की रीतियों और मानदंडों को सीखना
(4) कौशलों का अर्जन
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Q12. ‘मानसिक संरचनाएँ जो चिन्तन के निर्माण प्रखंड है. इसके लिए पियाजे ने किस शब्द/पद का प्रयोग किया है? (1) परिपक्वन प्रखंड
(2) जीन
(3) स्कीमा (अवधारणाएँ)
(4) विकास के क्षेत्र
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Q13. वायगोत्स्की के अनुसार बच्चे स्वयं से क्यों बोलते
(1) बच्चे स्वभाव से बहुत बातूनी होते हैं।
(2) बच्चे अपने प्रति वयस्कों का ध्यान आकर्षित करने के लिए बोलते हैं।
(3) बच्चे अहंकेंद्रित होते है।
(4) बच्चे अपने कार्य को दिशा देने के लिए बोलते हैं।
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Q14. अधिगम अशक्तता वाले:
(1) बच्चे दृश्य-शब्दों (साइट वर्ड्स) को आसानी से पहचानते और समझते हैं
(2) बच्चों को एक समान दिखाई देने वाले अक्षरों और वर्णों में भ्रम होता है।
(3) बच्चों का मानसिक विकास मंद होता है।
(4) बच्चे निम्न बुद्धिलब्धि वाले होते हैं।
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Q15. सृजनात्मकता क्या है?
(1) बुद्धि का एक प्रकार जो संसाधन की गति को शामिल करते हुए सूचना-प्रक्रमण कौशलों पर अत्यधिक निर्भर होता है।
(2) बुद्धि का एक प्रकार जो उन कौशलों से संबंधित है, जो संचित किए गए ज्ञान और अनुभव पर निर्भर होते हैं।
(3) समस्याओं के मौलिक और अपसारी समाधानों को पहचानने अथवा तैयार करने की योग्यता।
(4) सृजनात्मकता 200 से ऊपर की बुद्धिलब्धि से सर्वाधिक बेहतर ढंग से परिभाषित होती है।
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